11.32 महाविद्यालय
1.महाविद्यालय में प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए राज्यसभा सांसद मा० श्री अशोक बाजपेयी, अखिल भारतीय विद्या भारती के संगठन मंत्री श्री प्रकाश चन्द्र जी एवं डॉ० सुशील चन्द्र त्रिवेदी 'मधुपेश'
2.महाविद्यालय द्वारा प्रायोजित शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रम के अन्तर्गत दक्षिणेश्वर काली मन्दिर कोलकाता में बी.ए. प्रक्षिणार्थियों के साथ डॉ० नवीन शुक्ला, श्रीमती रचना गुप्ता, श्रीमती सपना
विज्ञान संकाय परास्नातक (एम.एस-सी. जन्तु विज्ञान तथा रसायन विज्ञान) में विश्वविद्यालय स्तर सर्वाधिक अंक प्राप्त होने के कारण पर 7 गोल्ड मेडल तथा विज्ञान स्नातक (बी.एस-सी.) में सर्वोच्च स्थान पाने के कारण गोल्ड मेडल प्राप्त कर संस्थान द्वारा स्थापित डॉ. राम मनोहर लाहिया महविद्यालय, अल्लीपुर, हरदोई जनपद ही नहीं वरन क्षेत्र में विशिष्ट स्थान रखता है जिसमें सदूर शाहजहाँपुर, सीतापुर, लखीमपुर, लखनऊ, फर्रुखाद, आदि जनपदों के विद्यार्थी अध्ययन हेतु आते हैं। छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर से सम्बद्ध महाविद्यालय में कला स्नातक (बी.ए.), विज्ञान स्नातक (बी.एस-सी.), वाणिज्य स्नातक बी. काम.), कला परास्नातक (एम.ए.) तथा विज्ञान परास्नातक (एम.एस-सी.) के 2,174 विद्यार्थी अध्ययन कर रहे हैं महाविद्यालय में 67 शिक्षक तथा 31 शिक्षणेत्तर कर्मचारी कार्यरत है। समय-समय पर महाविद्यालय में संगोष्ठियों, खेलकूद प्रतियोगिताओं, सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं, स्काउट और गाइड प्रशिक्षण, विभिन्न न्यानों के शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। महाविद्यालय की बालकों की क्रिकेट टीम ने अन्तर्महाविद्यालय प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया वही बालिकओं की टीम ने खो-खो प्रतियोगिता में उपविजेता रहीं ।


11.33 शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय
1.शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय में आयोजित प्रतियोगिताओं के प्रतिभागियों को सम्बोधित करते हुए जिलाधिकारी श्री अवधेश कुमार सिंह जिला विद्यालय निरीक्षक श्री बी०के० दुबे एवं कार्यक्रम अध्यक्ष सिटी मजिस्ट्रेट तथा डॉ० सुशील चन्द्र त्रिवेदी 'मधुपेश'
2.शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय में आयोजित बेसिक स्काउट गाइड मास्टर प्रशिक्षण शिविर में डॉ० आर०सी० अस्थाना, प्राचार्य डॉ० ए०के० मिश्रा तथा डॉ० सुशील चन्द्र त्रिवेदी 'मधुपेश'
शिक्षक समाज के भवष्यि की दिशा और दशा को अपने शिक्षण प्रशिक्षण के माध्यम से बच्चों को तैयार निर्धारण में महत्वपूर्ण दायित्व का निर्वाहन करता है। सुयोग्य और कर्मठ शिक्षकों प्रशिक्षित करने हेतु राष्ट्रीय अध्यापक परिषद, जयपुर से मान्यता तथा छत्रपति शाहजी महाराज विश्वविद्यालय, कानप्र से सम्बद्धता प्राप्त कर लगातार सभी प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले प्रशिक्षणार्थी परीक्षाओं में प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण होकर विश्वविद्यालय और समाज में अपनी विशिष्ट पहचान बनायी है।


11.34 माध्यमिकविद्यालय
माध्यमिक विद्यालय के कार्यक्रम में पुष्पार्चन करते हुए श्री राघवेन्द्र सिंह एडवोकेट महाअधिवक्ता उ०प्र० सरकार तथा डॉ० सुशील चन्द्र त्रिवेदी 'मधुपेश'
माध्यमिक शिक्षा परिषद से सन् 1995 में हाई स्कूल तथा इण्टरमीडिएट की मान्यता प्राप्त करके सा. शि.सं. इण्टर कालेज, अल्लीपुर, हरदोई को संचालित किया जा रहा है। जिसमें कला संकाय, विज्ञान संकाय और विज्ञान संकाय वर्तमान सत्र में 1256 विद्यार्थी शिक्षार्जन में पूर्ण मनोयोग से संलग्न है।

11.35 उच्च प्राथमिक विद्यालय
माध्यमिक विद्यालय के कार्यक्रम में विधायक श्री रामपाल वर्मा, प्रदेश अध्यक्ष श्री राम जयसवाल त्या डॉ० सुशील चन्द्र त्रिवेदी 'मधुपेश'
संस्थान के स्थापन काल से प्रथम प्रकल्प के रुप में सार्वजनिक शिक्षोन्नयन संस्थान उच्च प्राथमिक बिद्यालय की स्थापना सन् 1981 में की गई थी जो बेसिक शिक्षा परिषद से मान्यता प्राप्त है सत्र 2018-19 से 357 बच्चे अध्ययनरत् है।
11.36 प्राथमिक विद्यालय
प्राथमिक विद्यालय
बेसिक शिक्षा परिषद, हरदोई से मान्यता प्राप्त अखिल भारतीय विद्या भरती-जन शिक्षा परिषद, अवध प्रान्त से सम्बद्ध श्री बाबूराम त्रिवेदी सरख्ती शिशु मन्दिर, अल्लीपुर, हरदोई में भारतीय संस्कृति के पूजक, संस्कारवान, राष्ट्रभक्त बच्चों के सर्वांगीण विकास के कक्षा अरुण से पंचम तक के वर्तमान सत्र में 537 भैया और बहन शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
11.37 हैण्ड ब्लाक एवं स्प्रे पेटिंग प्रशिक्षण केन्द्र
हैण्ड ब्लाक एवं स्प्रे पेटिंग प्रशिक्षण केन्द्र
शिक्षण के साथ रोजगार सृजन के लिये बच्चों को स्वावलम्बी बनाने हेतु 50-50 प्रशिक्षणार्थी प्रति वर्ष हेतु सन् 1994 में कल्याण मन्त्रालय, भारत सरकार नई दिल्ली से के सहयोग से जनपद-हरदोई में हैण्ड ब्लाक तथा स्प्रे पेटिंग प्रशिक्षण केन्द्र प्रारम्भ किया गया जिसमें सन् 1999 तक कुल लाभार्थी बच्चों की संख्या हैण्ड ब्लाक-298, पेटिंग-296 रही उसके बाद प्रशिक्षण केन्द्र का संचालन स्ववित्तपोषित रुप से संचालति रहा।
11.38 कम्प्यूटर प्रशिक्षण कार्यक्रम
कम्प्यूटर प्रशिक्षण कार्यक्रम
वर्तमान सदी में बदलते विज्ञान युग में कम्प्यूटर दैनिक जीवन का आवश्यक अंग बन गया जिसमें बच्चों के ज्ञान के साथ-साथ रोजगार परक प्रशिक्षण के लिये भारत सरकार के कल्याण मन्त्रालय पत्रांक संख्या-11020/75/92-SCD-III दिनांक 26.3.1993 द्वारा कम्प्यूटर प्रशिक्षण परियोजना का संचालन अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति हेतु किया गया। यह कई वर्षों तक भारत सरकार के अनुदान से संचालित रही है कम्प्यूटर प्रशिक्षण केन्द्र अपने कर्मियों की कर्मठता सक्रियता एवं निष्ठा के कारण सतत् सफल होता रहा है जिससे इस केन्द्र का नाम जनपद में कॉफी विख्यात हो गया है अतः जब भारत सरकार ने इसके लिये अनुदान देना बन्द कर दिया तो संस्थान ने अपने साधनों से सभी वर्गो के लाभार्थियों के लियें इसें संचालित रखा।
कम्प्यूटर प्रशिक्षण केन्द्र मे समय की मॉग के अनुरुप कई प्रोग्राम संचालित किये गये। गरीबी से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों के प्रशिक्षुओं को देखतें हुए प्रशिक्षुओं कों व्यवसायिक कार्यों के काम आने वाले प्रोग्राम भी सिखायें गये। इस समय वर्तमान में डी०सी०ए० ए०डी०सी०ए० एवं पी०जी०डी०सी०पी० कोर्स का प्रशिक्षण दिया जा रहा है प्रति वर्ष की भाँति इस वर्ष भी सैकड़ो प्रशिक्षुओं ने लाभार्जन किया है।